यह तसवीर इराक़ पर अमरीकी सैन्य हमले के दौरान ली गयी थी। सोशल मीडिया पर वायरल तसवीर के बाद हंगामा मच गया और अमरीका के इस पादरी पर सभी अपने विचार रख रहे हैं। सोशल मीडिया पर चर्चा यह हो रही है कि यह पादरी अमरीका ख़ुफिया एजेन्सी का एजेन्ट है और इतनी महत्वपूर्ण हस्ती है कि अमरीका अपने एक महत्वपूर्ण घटक और नैटो के सदस्य को छोड़ने को तैयार हो गया है।
अमरीका अपने एक पादरी की रिहाई की मांग कर रहा है जिसे तुर्की में आतंकियों से संबंध के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है। तुर्की ने एंड्र्यू ब्रंसन को रिहा करने से इन्कार कर दिया है। अमरीका और तुर्की संबंध, तुर्की की ओर से अमरीकी पादरी एंड्र्यू ब्रेन्सन को आतंकवाद के आरोप में गिरफ़्तार करने पर तनाव ग्रस्त हो गये।

वर्ष 2004 - 2010 के बीच की बात है जब यह अमरीकी पादरी अमरीकी मरीन्ज़ के उस दस्ते में शामिल था जो स्पेशल अमरीकी फ़ोर्स के साथ बग़दाद में घुसा था। इस दस्ते पर इराक़ की निजी और सार्वजनिक संपत्ति पर क़ब्ज़े की ज़िम्मेदारी थी जिसमें इराक़ के पूर्व तानाशाह सद्दाम और इराक़ की महत्वपूर्ण धरोहरें शामिल हैं।
अमरीकी सरकार इस बात का डर है कि हो सकता है कि तुर्की की ख़ुफ़िया एजेन्सी को ऐसी मालूमात हाथ लग गयी हो जिससे वह अमरीका को परेशान कर सकते हों।तुर्क सरकार ने अमरीकी पादरी पर जासूसी और कुर्दिस्तान वर्क्स पार्टी के हित में कार्यवाही का आरोप लगाया है। अमरीकी पादरी एंड्र्यू ब्रसनन की मशहूर तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें वह इराक़ युद्ध के दौरान सेन्ट्रल बैंक में सोने की ईंट लिए दिखाई दे रहे हैं।